सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है - रंजीत राज

योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है - रंजीत राज
---------------------------------------------------------------------------
(#बिहार)

"योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है। विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन- शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है। यह दिन वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है। पहली बार यह दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया, जिसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण से की थी। जिसके बाद 21 जून को "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" घोषित किया गया। 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त
राष्ट्र में 177 सदस्यों द्वारा 21 जून को "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। प्रधानमंत्री मोदी के इस प्रस्ताव को 90 दिन के अंदर पूर्ण बहुमत से पारित किया गया, जो बहुत ही सराहनीय है। योग हमारे जीवन मे बहुत ही महत्वपूर्ण है, मैं सभी जनमानस से अपील करता हूँ कि योग करें और स्वस्थ रहें।

---------------------------------------------------------------------------















टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वार्ड पार्षदों की एकजुटता से मिली जीत✌️

वार्ड पार्षदो का शिकायत लाया रंग, सी० एल० टी० सी० कर्मी श्री स्वतंत्र कुमार यादव का हुआ तबादला- रंजीत राज

प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना 2.0 के प्रथम फेज में चयनित 219 लाभुकों का करनी है जांच

प्रधानमंत्री आवास  योजना शहरी  2.0 में अनियमितता पर की गई जांच की मांग - रंजीत राज

पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभुकों को राशि आवंटन की मांग तेज

309 स्वीकृत लाभुकों की सूची विभाग को भेजे जाने के बाद बढ़ी प्रशासनिक हलचल - रंजीत  राज